जिला पंचायत के लिपिक पर वित्तीय अनियमितता का मुकदमा न्यायालय के आदेश पर पकड़ी थाने में एफआईआर, सरकारी आवास से लेकर टेंडर प्रक्रिया तक गंभीर आरोप
बलिया। जिला पंचायत कार्यालय में तैनात लिपिक राजीव कुमार सिंह के खिलाफ वित्तीय अनियमितता, पद के दुरुपयोग और नियमों के उल्लंघन के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व प्रांतीय सदस्य भाजपा किसान मोर्चा उषा सिंह की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद थाना पकड़ी में हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जिला मुख्यालय से करीब दो किलोमीटर दूर परिखरा में स्थायी आवास होने के बावजूद नियमों के विपरीत सरकारी आवास आवंटित कराया गया।
आरोप है कि पद का कथित दुरुपयोग करते हुए लिपिक ने अपने भाई के नाम से फर्म का पंजीकरण कराया और टेंडर प्रक्रिया के जरिए संबंधित फर्म को आर्थिक लाभ पहुंचाया।
शिकायत में वर्ष 2014-15 के दौरान सरकारी आवास की मरम्मत एवं निर्माण के लिए स्वीकृत पांच लाख रुपये की धनराशि के स्थान पर अभिलेखों में कथित हेराफेरी और ओवरराइटिंग के माध्यम से आठ लाख रुपये का भुगतान किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। इसी कार्य के एवज में संबंधित फर्म को 2.25 लाख रुपये का दोबारा भुगतान किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है।
इसके अलावा वर्ष 2013-14 में रामलीला मैदान, बलिया के सामने सरकारी आवास निर्माण के लिए स्वीकृत 25.08 लाख रुपये की जिला निधि का भुगतान राज्य निधि से किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
न्यायालय के आदेश के बाद दर्ज मुकदमे में पुलिस अब संबंधित अभिलेखों, भुगतान संबंधी दस्तावेजों, निविदा प्रक्रिया और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है। मामले में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता और जिम्मेदारी स्पष्ट हो सकेगी।

