जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की मासिक वर्चुअल बैठक संपन्न, पत्रकारों की सुरक्षा और निष्पक्ष पत्रकारिता पर मंथन
जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया की मासिक वर्चुअल बैठक सोमवार को आयोजित की गई, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों से जुड़े 50 से अधिक पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने भाग लिया। बैठक में पत्रकारों की सुरक्षा, निष्पक्ष पत्रकारिता, संगठन के विस्तार और सशक्तीकरण सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक की अध्यक्षता डॉ. अनुराग सक्सेना ने की, जबकि संचालन डॉ. आर.सी. श्रीवास्तव ने किया।
बैठक को संबोधित करते हुए डॉ. अनुराग सक्सेना ने कहा कि वर्तमान समय में निष्पक्ष एवं निर्भीक पत्रकारिता करना चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई पत्रकारों को सत्य उजागर करने के कारण विभिन्न प्रकार के दबावों, प्रताड़ना और झूठे मुकदमों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय बताया।
संस्था के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं वरिष्ठ अधिवक्ता बी. त्रिपाठी ने कहा कि निष्पक्ष पत्रकारिता पर लगातार दबाव बनाने के प्रयास हो रहे हैं, जिसके चलते पत्रकारों को अनावश्यक विवादों और कानूनी मामलों में उलझाया जा रहा है। उन्होंने पत्रकारों से एकजुट रहकर अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।
बैठक में बिहार सहित विभिन्न राज्यों के पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि पत्रकारिता पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दबाव बनाने के प्रयासों के बावजूद संगठन के कार्यकर्ता निर्भीक होकर पत्रकार हितों के लिए कार्य करते रहेंगे। गाजियाबाद के वरिष्ठ पत्रकार आदित्य भारद्वाज ने पत्रकारों के उत्पीड़न की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई।
समापन संबोधन में डॉ. आर.सी. श्रीवास्तव ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पत्रकारिता ने देश को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में भ्रष्टाचार एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है, जो स्वस्थ एवं निष्पक्ष पत्रकारिता को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जर्नलिस्ट काउंसिल ऑफ इंडिया पत्रकारों के अधिकारों, सम्मान और हितों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्षरत रहेगी।
गोरखपुर के जिलाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि पत्रकार अब अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाने के लिए तैयार हैं। गैर मान्यता प्राप्त पत्रकारों को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाने के लिए हम हर स्तर से संघर्ष करेंगे। साथ ही हम पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किये जाने की अपनी मांग पर भी कायम हैं।
बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पत्रकार हितों की रक्षा, निष्पक्ष पत्रकारिता को बढ़ावा देने तथा संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावशाली बनाने का संकल्प दोहराया। साथ ही पत्रकारों की सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए संगठित प्रयास जारी रखने पर बल दिया गया।




