बलिया में फर्जी नियुक्ति का मामला: 37 स्टाफ नर्सों में सिर्फ 15 पर FIR, बाकी 22 पर कार्रवाई कब?
बलिया। जनपद में वर्ष 2023-24 के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) कार्यालय के माध्यम से शासन के आदेश पर हुई 37 स्टाफ नर्सों की नियुक्ति अब गंभीर सवालों के घेरे में है। जांच के दौरान इन नियुक्तियों में अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद इन्हें फर्जी नियुक्ति का मामला माना गया।
जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देशों के अनुरूप संबंधित अभ्यर्थियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जानी थी। लेकिन अब तक केवल 15 स्टाफ नर्सों के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कराया गया है, जबकि शेष 22 अभ्यर्थियों पर अब तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है।
यह मामला कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। यदि जांच में सभी 37 नियुक्तियां फर्जी पाई गईं, तो कार्रवाई केवल 15 लोगों तक ही क्यों सीमित रही? क्या बाकी 22 मामलों में जांच पूरी नहीं हुई, या फिर किसी स्तर पर कार्रवाई लंबित है? यदि सभी के खिलाफ समान निष्कर्ष निकला था, तो कानून का एक समान पालन क्यों नहीं किया गया?
इस प्रकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए यह आवश्यक है कि संबंधित अधिकारी स्पष्ट करें कि शेष 22 मामलों में एफआईआर दर्ज न होने का कारण क्या है और उन पर कार्रवाई कब तक होगी।
अब लोगों की निगाहें स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि इस मामले में आधी-अधूरी कार्रवाई के बजाय सभी दोषियों के विरुद्ध समान रूप से विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी या नहीं।

