आईजीआरएस से सीएम डैशबोर्ड तक डीएम की पैनी नजर, 12 विभागों की शिकायत फीडबैक स्थिति पर सवाल, सी-डी रैंकिंग वाले विभागों को सुधार के निर्देश
बलिया। जनशिकायतों के निस्तारण और शासन की योजनाओं की प्रगति को लेकर जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में आईजीआरएस की फीडबैक रिपोर्ट से लेकर सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग तक विभिन्न बिंदुओं की पड़ताल की गई।
आईजीआरएस में 12 विभागों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसका समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। अधिकारियों को प्रतिदिन आईजीआरएस पोर्टल की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
डीएम ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक जनसुनवाई करने को कहा। साथ ही जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री संदर्भ की शिकायतों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही सामने आने पर वेतन रोकने सहित विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
सी और डी रैंकिंग वाले विभागों को मिला टारगेट
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में पीएम सूर्य घर योजना, फैमिली आईडी, ओडीओपी और मंडी रसड़ा की रैंकिंग सी मिली। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, पारिवारिक लाभ योजना और स्टांप की रैंकिंग डी रही। मातृत्व-शिशु योजना को ए और निर्माण कार्यों को बी रैंकिंग मिली।
खराब रैंकिंग वाले विभागों को प्रदर्शन सुधारने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय से पहुंचना चाहिए।
अधूरी परियोजनाओं पर भी मांगी रफ्तार
बैठक में विभिन्न विकास एवं निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए डीएम ने पूर्ण परियोजनाओं को शीघ्र हैंडओवर करने तथा लंबित परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा कराने को कहा। संबंधित विभागों और कार्यदायी संस्थाओं को वित्तीय प्रगति बढ़ाने के साथ निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सीडीओ आलोक कुमार, एडीएम अनिल कुमार, सीआरओ गुलशन, सीएमओ डॉ. अभय कुमार राय, डीडीओ आनंद प्रकाश समेत अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



