
रामपुर जिला जेल के खिलाफ गंभीर आरोपों पर NHRC सक्रिय, जांच के लिए विशेष टीम भेजने के निर्देश
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला कारागार में कथित अनियमितताओं और मानवाधिकार उल्लंघन से जुड़े गंभीर आरोपों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने मामले की जांच के लिए अपनी जांच शाखा को विशेष टीम गठित कर मौके पर निरीक्षण करने तथा निर्धारित अवधि के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई एक सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा आयोग में दायर शिकायत के आधार पर की गई है। शिकायत में जेल के भीतर कैदियों के साथ कथित दुर्व्यवहार, अवैध वसूली, नशीले पदार्थों की उपलब्धता और अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत में लगाए गए प्रमुख आरोप
शिकायतकर्ता ने दावा किया है कि जेल में बंद कैदियों से कथित रूप से अवैध धन वसूला जाता है और विरोध करने वालों को मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा जेल परिसर में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों के प्रवेश और कारोबार से जुड़े आरोप भी लगाए गए हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि कुछ प्रभावशाली बंदी जेल के भीतर से अपने आपराधिक नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं तथा अवैध गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। वहीं जेल कैंटीन के संचालन में वित्तीय अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग की भी बात कही गई है।
शिकायतकर्ताओं को धमकाने का आरोप
शिकायत में यह आरोप भी शामिल है कि यदि कोई बंदी कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाता है तो उसे प्रताड़ित करने या अन्य जेलों में स्थानांतरित करने की धमकी दी जाती है।
आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जांच शाखा को मामले की स्वतंत्र जांच करने और तथ्यों का सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग का मानना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह कैदियों के मूल मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला हो सकता है।
अब सभी की निगाहें जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।






