मानव सेवा के संकल्प को मिली नई पहचान, शंकराचार्य जी के आशीर्वाद से ‘द अम्माँ फाउंडेशन’ का शुभारंभ
वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में मानव सेवा, सामाजिक समर्पण और जनकल्याण की भावना को साकार करने की दिशा में एक नई पहल हुई। समाज के जरूरतमंद और वंचित वर्गों के उत्थान के उद्देश्य से स्थापित ‘द अम्माँ फाउंडेशन’ का विमोचन 19 अक्टूबर 2026 को वाराणसी स्थित विद्या मठ में ज्योतिषपीठ के पूज्य शंकराचार्य स्वामी श्री अमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के कर-कमलों से संपन्न हुआ। इस पहल के साथ संस्था ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता और सम्मान पहुंचाने का संकल्प दोहराया।
फाउंडेशन की स्थापना का मूल उद्देश्य समाज में सेवा और सहयोग की भावना को मजबूत करना तथा जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना है। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक जागरूकता और जनकल्याण के विभिन्न क्षेत्रों में कार्य करते हुए उन लोगों तक पहुंचने का प्रयास करेगी, जिन्हें सहायता और मार्गदर्शन की सबसे अधिक आवश्यकता है।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी सेवा की रोशनी
फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष प्रवीण सिंह ने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है, जब विकास की मुख्यधारा से दूर खड़े लोगों को भी आगे बढ़ने का अवसर मिले। संस्था का प्रयास रहेगा कि जरूरतमंदों की सहायता केवल औपचारिकता बनकर न रह जाए, बल्कि उनके जीवन में वास्तविक और सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बने।
उन्होंने कहा कि ‘द अम्माँ फाउंडेशन’ का उद्देश्य सेवा को अभियान, संवेदना को शक्ति और सामाजिक जिम्मेदारी को जनभागीदारी में बदलना है। संस्था जरूरतमंदों की मदद, शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करेगी।
प्रवीण सिंह के अनुसार, किसी भी समाज की मजबूती केवल उसकी आर्थिक समृद्धि से नहीं, बल्कि इस बात से तय होती है कि वह अपने कमजोर, वंचित और जरूरतमंद लोगों के साथ कितना खड़ा होता है। इसी विचार को केंद्र में रखकर फाउंडेशन अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाएगा।
शंकराचार्य जी का आशीर्वाद बना प्रेरणा का आधार
विमोचन समारोह का विशेष महत्व इसलिए भी रहा कि संस्था की शुरुआत पूज्य शंकराचार्य स्वामी श्री अमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज के कर-कमलों से हुई। संस्थापक प्रवीण सिंह ने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन संस्था की भावी यात्रा के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने समाज के सभी वर्गों से फाउंडेशन के सेवा अभियान से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही समाज में व्यापक बदलाव लाया जा सकता है। जब सामाजिक संस्थाएं, प्रबुद्ध नागरिक और आमजन एक उद्देश्य के साथ आगे बढ़ते हैं, तब सेवा का प्रभाव अधिक व्यापक हो जाता है।
सेवा, संस्कार और मानव कल्याण ही मूल उद्देश्य
‘द अम्माँ फाउंडेशन’ ने भारतीय संस्कृति, मानवीय मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व को आधार बनाकर जनकल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है। संस्था का लक्ष्य जरूरतमंदों को सहयोग देना, समाज में जागरूकता बढ़ाना और सेवा की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।
फाउंडेशन की यह पहल इस संदेश के साथ आगे बढ़ेगी कि मानव सेवा केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि समाज को बेहतर बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है। संस्था आने वाले समय में विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों के जरिए अपने उद्देश्यों को धरातल पर उतारने का प्रयास करेगी।



