झोपड़ी मुक्त बलिया बनाने की तैयारी, डीएम ने दिए सख्त निर्देश
बलिया। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों की मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में डीएम ने झोपड़ी मुक्त बलिया बनाने, स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने, बाढ़ प्रभावित किसानों को मुआवजा देने और लंबित राजस्व मामलों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
डीएम ने कहा कि बाढ़ या अन्य कारणों से मकान गंवा चुके तथा अस्थायी झोपड़ियों में रह रहे पात्र परिवारों की सूची तैयार कर उन्हें प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाए। बाढ़ के पानी से 2,707 व्यक्तियों की जमीन कटान होने की जानकारी पर प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा।
शहरी क्षेत्रों में सड़क किनारे लगने वाले सब्जी बाजारों के लिए उपयुक्त स्थान चिह्नित करने और सड़कों पर बाजार नहीं लगने देने के निर्देश दिए गए। नगर पालिका एवं नगर पंचायतों में कूड़ा उठान और निस्तारण की नियमित निगरानी करने को कहा गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि सड़कों और आसपास के गांवों में कूड़ा मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी।
रसड़ा, नगरा और बैरिया में निर्माणाधीन गौशालाओं का काम जल्द पूरा कराने तथा बलिया नगर में गौशाला निर्माण के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने का निर्देश दिया गया। वहीं, स्टांप राजस्व से जुड़े कार्यों में खराब प्रगति पर डीएम ने नाराजगी जताई।
आईजीआरएस शिकायतों की समीक्षा में बताया गया कि बलिया जनपद 11वें स्थान पर है। डीएम ने अधिकारियों को प्रतिदिन पोर्टल देखने, शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने और मुख्यमंत्री पोर्टल की शिकायतों पर फरियादियों से फीडबैक लेने के निर्देश दिए।
राजस्व न्यायालयों में धारा 116 के लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने तथा बलिया सदर, बैरिया और बांसडीह तहसीलों में अंश निर्धारण के लंबित कार्यों में तेजी लाने को कहा गया। डीएम ने स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, सभी एसडीएम सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।



