मानव तस्करी व यौन शोषण के खिलाफ विधिक जागरूकता शिविर आयोजित
बलिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बलिया द्वारा मानव तस्करी एवं यौन शोषण के विरुद्ध जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से राजकीय बाल गृह (बालिका), निधरिया में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार झा के मार्गदर्शन में हुआ।
शिविर की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव चन्द्र प्रकाश तिवारी ने की। उन्होंने उपस्थित बालिकाओं एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 23(1) मानव तस्करी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाता है। यह प्रत्येक व्यक्ति का मौलिक अधिकार है और इसके उल्लंघन की स्थिति में सरकार के साथ-साथ निजी व्यक्तियों के विरुद्ध भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि यौन शोषण से सुरक्षा भी संविधान के अनुच्छेद 21 एवं 23 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का हिस्सा है। शिविर में मानव तस्करी, यौन शोषण, बाल अधिकारों तथा संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही समाज में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को तत्काल देने के लिए सभी को जागरूक और प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में राजकीय बाल गृह (बालिका) की प्रभारी अधीक्षिका रूचि, व्यास मुनि पाण्डेय, संस्थान के अन्य कर्मचारी एवं बालिकाएं उपस्थित रहीं। वक्ताओं ने कहा कि कानूनी जागरूकता ही मानव तस्करी और यौन शोषण जैसी गंभीर सामाजिक बुराइयों पर प्रभावी रोक लगाने का सबसे सशक्त माध्यम है।



