“तस्करों की ‘सुरक्षा कवच’ बनी खाकी! बलिया में 6 पुलिसकर्मी सस्पेंड, पुलिस महकमे में मचा हड़कंप”
बलिया। कानून की रक्षा करने वाली खाकी पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पशु और शराब तस्करी के नेटवर्क में पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद बलिया पुलिस महकमे में भूचाल आ गया। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पूरे मामले की विभागीय जांच एएसपी (दक्षिणी) संजय वर्मा को सौंपी गई है।
मामले का खुलासा 16 जून की रात उस समय हुआ जब फेफना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने वैना रेलवे क्रॉसिंग के पास छह वाहनों से 26 गोवंश बरामद किए और दो तस्करों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों और बाद में पकड़े गए मदन मोहन यादव उर्फ डब्लू ने ऐसे खुलासे किए, जिसने पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े कर दिए।
जांच में आरोप सामने आए कि कुछ पुलिसकर्मी तस्करों को पुलिस की लोकेशन, चेकिंग प्वाइंट और गश्त की जानकारी पहले से उपलब्ध कराते थे। इतना ही नहीं, आरोप है कि तस्करी में इस्तेमाल होने वाले वाहनों को सुरक्षित तरीके से जिले की सीमा पार कराकर बिहार तक पहुंचाने में भी मदद की जाती थी। इसके बदले हर महीने लाखों रुपये की अवैध वसूली होने की बात भी सामने आई है।
प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए एसपी ने अमन सिंह, मुकेश कुमार, रिंकू गुप्ता, दिनेश, मनोज और आलोक सिंह को निलंबित कर दिया। अब विभागीय जांच यह तय करेगी कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल था।
यह कार्रवाई साफ संकेत देती है कि अपराधियों से सांठगांठ रखने वाले पुलिसकर्मियों पर अब विभाग सख्त रुख अपना रहा है। यदि जांच में और नाम सामने आते हैं तो कार्रवाई का दायरा और बढ़ सकता है।



