भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में NHRC पहुंचा डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस, CBI जांच की मांग
नई दिल्ली। बिहार के भोजपुर जिले में सोशल एक्टिविस्ट भरत भूषण तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस प्रकरण को लेकर डी के फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। आयोग ने शिकायत स्वीकार करते हुए इसे डायरी संख्या 14867/IN/2026 के रूप में पंजीकृत किया है।
संस्था का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी बाढ़ प्रभावित लोगों के पुनर्वास, स्थानीय स्तर पर कथित भ्रष्टाचार तथा अन्य जनहित के मुद्दों को सोशल मीडिया के माध्यम से लगातार उठा रहे थे। शिकायत में कहा गया है कि 17 जून को भोजपुर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आत्मरक्षा में मुठभेड़ का दावा किया था, जबकि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में तिवारी को पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करते हुए देखा जा सकता है। संस्था का आरोप है कि आत्मसमर्पण के बाद उन्हें खेत में ले जाकर गोली मारी गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने आयोग से मामले की स्वतंत्र CBI जांच कराने, संबंधित पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने, पोस्टमार्टम, बैलिस्टिक और फॉरेंसिक रिपोर्ट तलब करने तथा पीड़ित परिवार को सुरक्षा और उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।
संस्था का कहना है कि स्थानीय पुलिस पर आरोप होने के कारण निष्पक्ष जांच स्वतंत्र एजेंसी से कराई जानी आवश्यक है। साथ ही उसने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए वह संवैधानिक और कानूनी स्तर पर अपनी लड़ाई जारी रखेगी।



