बलिया में कोचिंग संस्थानों पर सख्ती, बेसमेंट में संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित
बलिया। जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों और सार्वजनिक लाइब्रेरी पर अब प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। जिलाधिकारी मंगल प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि बिना पंजीकरण और अग्निशमन विभाग की एनओसी के कोई भी कोचिंग संस्थान संचालित नहीं होगा। साथ ही बेसमेंट में कोचिंग चलाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
डीएम ने कहा कि सभी कोचिंग संस्थानों को उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन नियमावली-2002 का शत-प्रतिशत पालन करना होगा। प्रत्येक संस्थान का जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में पंजीकरण अनिवार्य होगा। भवन में अग्नि सुरक्षा के सभी मानकों का पालन, पर्याप्त खिड़कियां, सुरक्षित निकास मार्ग, स्वच्छ पेयजल, शौचालय तथा विद्युत सुरक्षा की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि जिले के अधिकांश कोचिंग संस्थानों का पंजीकरण समाप्त हो चुका है तथा कई संचालकों ने नवीनीकरण के लिए आवेदन तो किया है, लेकिन अग्निशमन विभाग की एनओसी संलग्न नहीं की है। डीएम ने जिला अग्निशमन अधिकारी को सुरक्षा मानकों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और एनओसी प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।
पंजीकरण शुल्क छात्र संख्या के आधार पर 250 रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक निर्धारित किया गया है। एक बार जमा किया गया शुल्क तीन वर्ष तक मान्य रहेगा।
बैठक में डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक को कोचिंग संस्थानों के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए पोर्टल विकसित कराने का भी निर्देश दिया, ताकि आवेदन प्रक्रिया सरल और पारदर्शी हो सके।
पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने कहा कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी से यदि कोई हादसा होता है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संस्थानों से शासन के निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करने की अपील की।



