आईजीआरएस में लापरवाही पर डीएम सख्त, चार विभागों से स्पष्टीकरण
बलिया। आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने सोमवार को अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस एवं सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान शिकायतकर्ताओं से संपर्क और फीडबैक की स्थिति खराब मिलने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी।
समीक्षा में कई विभागों द्वारा शिकायतकर्ताओं से संपर्क नहीं किए जाने की स्थिति सामने आई। होम्योपैथिक चिकित्साधिकारी की लापरवाही पर चेतावनी नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं अधिशासी अभियंता विद्युत, डीसी मनरेगा, जिला समाज कल्याण अधिकारी और जल निगम ग्रामीण के अधिकारियों को भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
फीडबैक की समीक्षा में चार विभागों की स्थिति शून्य मिलने पर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क किया जाए और शिकायत के निस्तारण के बाद उसका फीडबैक भी शत-प्रतिशत लिया जाए।
डीएम ने कहा कि आईजीआरएस शासन की प्राथमिकता है। शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही या खानापूर्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन तथा जननी सुरक्षा योजना की रैंकिंग सी, आईएमएसएस और पारिवारिक लाभ योजना की रैंकिंग डी, जबकि नगर विकास ग्रामीण/शहरी और मंडी समिति की रैंकिंग बी पाई गई। श्रम विभाग की शिशु बालिका योजना की रैंकिंग भी डी रही। खराब रैंकिंग पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए और कार्रवाई की चेतावनी दी।
एक करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की समीक्षा में उच्च शिक्षा, कृषि एवं बेसिक शिक्षा विभाग की परियोजनाओं में लापरवाही पर कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारियों को भी फटकार लगाई गई। डीएम ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनशिकायतों के निस्तारण, फीडबैक, सरकारी योजनाओं की प्रगति और विकास कार्यों में लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में सीडीओ आलोक कुमार, सीआरओ गुलशन जी, सीएमओ डॉ. अभय कुमार राय, डीडीओ आनंद प्रकाश सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहें।


