विज्ञान मेले में बच्चों की प्रतिभा देख गदगद हुए डीएम, बोले—वैज्ञानिक सोच से बनेगी बलिया की नई पहचान
बलिया। परिखरा स्थित आरएनके मैरिज लॉन स्कूल में गुरुवार को आयोजित विज्ञान मेले का शुभारंभ जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। मेले में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर आधारित वैज्ञानिक मॉडल प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। डीएम ने मॉडलों का अवलोकन कर बच्चों से उनकी कार्यप्रणाली और उपयोगिता के बारे में सवाल पूछे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि शिक्षकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों में वैज्ञानिक सोच, जिज्ञासा और तार्किक क्षमता विकसित करें। बलिया की पहचान केवल उसकी बागी विरासत तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि विज्ञान और नवाचार के क्षेत्र में भी जिले को नई पहचान दिलानी होगी।
उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर पढ़ाई करने की सलाह देते हुए कहा कि जब लक्ष्य स्पष्ट होता है, तो उसे हासिल करने के लिए प्रयास करना आसान हो जाता है। बच्चों को अपनी रुचि पहचानकर भविष्य की दिशा तय करनी चाहिए और उसे पाने के लिए निरंतर मेहनत करनी चाहिए।
डीएम ने शिक्षकों और प्रधानाचार्य से विद्यार्थियों को अपनी कॉपी में भविष्य का लक्ष्य लिखने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बच्चों में वैज्ञानिक बनने की आकांक्षा विकसित करना जरूरी है। अमेरिका, जापान और इजराइल जैसे देशों में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दिया जाता है। इसी तरह यहां भी विद्यार्थियों को प्रयोग, अनुसंधान और नवाचार के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
जिलाधिकारी ने विद्यार्थियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि आज के बच्चे भविष्य में उत्तर प्रदेश को विकसित बनाने के साथ विकसित भारत के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने विज्ञान मेले के आयोजन के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य और शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर प्रधानाचार्य ने जिलाधिकारी को पुष्पगुच्छ भेंटकर सम्मानित किया।


