बलिया में विकास की रफ्तार बढ़ाने का अल्टीमेटम, प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को चेताया
बलिया। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को प्रभारी मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने कानून व्यवस्था और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि सरकारी योजनाओं में लापरवाही और काम में देरी किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए।
बैठक में सबसे पहले विद्युत व्यवस्था की समीक्षा की गई। प्रभारी मंत्री ने निर्धारित शेड्यूल के अनुसार बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा फाल्ट आने पर तत्काल मरम्मत कराने को कहा। जर्जर तारों को बदलने, जरूरत के अनुसार नए ट्रांसफार्मर लगाने और ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने के प्रस्ताव शीघ्र भेजने के निर्देश दिए गए।
सड़क परियोजनाओं को लेकर भी प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से प्रगति की जानकारी ली। ग्रीनफील्ड फोरलेन का करीब 70 प्रतिशत कार्य पूरा होने की जानकारी दी गई। मंत्री ने शेष कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। नवलपुर-सिकंदरपुर मार्ग को वर्ष 2027 तक पूरा कराने, बक्सर-भरौली पुल का निर्माण निर्धारित समय में पूरा करने तथा बलिया-गाजीपुर तुर्तीपार मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की नियमित निगरानी करने को कहा।
बरसात के दौरान सड़क पर गड्ढों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर जलभराव और कटाव से निपटने के लिए भी पहले से प्रभावी इंतजाम करने को कहा गया। प्रस्तावित बलिया बाईपास को महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।
बाढ़ से निपटने को तैयार रहे प्रशासन
बाढ़ सुरक्षा को लेकर प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से ठोस कार्ययोजना बनाने को कहा। बलिया विधानसभा क्षेत्र में 150 लोगों की क्षमता वाले बाढ़ शरणालय के निर्माण में तेजी लाने तथा बैरिया में भी बाढ़ शरणालय बनाने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ से जुड़ी नौ परियोजनाओं में आठ पूरी हो चुकी हैं और एक परियोजना पर काम जारी है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि सरकार बाढ़ सुरक्षा के लिए पर्याप्त धन उपलब्ध करा रही है, इसलिए योजनाओं को प्रभावी तरीके से जमीन पर उतारा जाए।
अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सुविधा देने के निर्देश
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में प्रभारी मंत्री ने सीएमओ को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मेडिकल कैंप लगाने और एंबुलेंस को हमेशा तैयार रखने के निर्देश दिए। सीएचसी और पीएचसी पर डॉक्टरों की प्रतिदिन उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने अस्पतालों में मरीजों को अनावश्यक रूप से बाहर रेफर करने और बाहर की दवाएं लिखने की शिकायतों पर सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। साथ ही अस्पतालों का नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए।
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि बलिया के विकास कार्यों में पूरी जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ काम करें। सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
बैठक में मंत्री दानिश आजाद अंसारी, रविशंकर उर्फ पप्पू, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह, सीडीओ आलोक कुमार, सीआरओ गुलशन जी, एडीएम अनिल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट आसाराम वर्मा, सीएमओ डॉ. अभय कुमार राय समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।